Saturday, 21 December 2013

कर रही अभिवादन

सुबह सुबह
सुनहरी धूप ने
दी दस्तक
दरवाज़े पर
न जाने
खिड़की पर
कहाँ से
आई
चहकती हुई
इक सुन्दर
चिड़िया
कह रही
मानो
सुप्रभात
फैलाये
पंख अपने
नाचती हुई
कर रही
अभिवादन
मेरा
और इस
सृष्टि का

रेखा जोशी