Saturday, 20 December 2014

पापा टेक केयर [लघु कथा ]

एक बुज़ुर्ग दम्पति से मै  हाल ही में मिली ,बेटा बाहर विदेश में और बेटियां अपने अपने ससुराल में ,अपनी जिंदगी के इस आखिरी पड़ाव में भावनात्मक रूप से आहत ,असुरक्षित बुजुर्ग दम्पति रात दिन अपने बेटे के आने का इंतज़ार कर रहे थे ,उनका बेटा अमरीका से आया और  कुछ दिन उनके पास रहां  और ,जाते जाते प्यार के दो मीठे  बोल , ”पापा टेक केयर ''बोल कर वापिस चला गया । बेटे के जाते ही उसके पापा की आँखों से आँसू टपक पड़े ,कांपते हाथो से लाठी  को थामा  और अचानक  ही उनके मुख से निकल गया ,''बट हू विल टेक केयर बेटा  ''?

रेखा जोशी