Friday, 16 January 2015

तेते पाँव पसारिये जेती लंबी सौर [हास्य व्यंग्य ]


[हास्य व्यंग्य ]

मुस्कुराते हुए 
जब लेखा  जोखा 
क्रेडिट कार्ड का 
पोपट लाल के हाथ में 
श्रीमती जी ने 
थमाया 
देखते ही उसे 
पोपट लाल की 
आँखों के आगे 
अन्धेरा सा छाया
देख उसे लगा 
ज़ोरों का झटका उन्हें 
झाँक  पत्नी की आँखों में 
पोपट लाल चिल्लाये 
ऊल जलूल खरीदारी करने का 
दिया सुझाव तुम्हे
किसने 
इतनी क्यों खींची चादर 
तुमने 
फटेहाल बनाया हमें 
आगे से 
इस बात का करना गौर 
तेते पाँव पसारिये जेती लंबी सौर

रेखा जोशी