Friday, 22 January 2016

कब छीन ले ज़िंदगी मौत के छल का पता नही

है यहाँ  दो दिन का जीवन  पर  पल का पता नहीं 
आज यहाँ खिलखिलाता जीवन कल का पता नही 
डर  डर कर मौत से पल  पल जीना भी क्या जीना 
कब  छीन ले ज़िंदगी  मौत के छल  का  पता नही 

रेखा जोशी