Friday, 19 February 2016

मधुरस बिखेरता आया मधुमास

आया ऋतुराज 
मौसम बहारों का 
हौले हौले बह रही
संगीतमय लहर
दे रही हिलोरे
मदमस्त बसंती पवन
झूम रहे धरा पर
पीले पीले फूल

मन में उमंग लिये
उपवन में 
मुस्कुराते हुए
गुनगुना रहे  भँवरे
लहराते धरा पर
खिलखिला रहे
पीले पीले फूल

मौसम ने ली अंगड़ाई 
छाया चहुँ ओर 
बसंती रंग 
कुहक रही कोयलिया 
अंबुआ की डाल पे
खेतों खलिहानों में  
नाच उठी सरसों 
इतरा  रहे धरा पर 
पीले पीले फूल 

मधुरस बिखेरता 
आया मधुमास 
लहराये  चुनरिया 
पिया मिलन की आस 
गोरी के आँचल तले 
शरमा रहे 
पीले पीले फूल 

रेखा जोशी