Friday, 8 April 2016

पूरे होंगे तेरे ख़्वाब तात

जीवन के उतार चढ़ाव
सब सीखूँगा तुमसे तात
बाँह पकड़ तेरी
सीखा चलना मैने
दिखाते दिशा तुम्हारे कदम
पीछे  पीछे रहेंगे मेरे नन्हे कदम
रस्ते पर तुम्हारे चल कर इक दिन
पूरा करूँगा सपने सभी मै
है  नैनों में समाये तेरे जो
आँखों से अपनी देखूँगा
रहे सिर पर सदा तेरा हाथ
पूरे होंगे तेरे  ख़्वाब तात

रेखा जोशी