Monday, 9 May 2016

ज़िंदगी को खिलखिलाना आ गया

प्यार हमको अब निभाना आ गया
धीरे   धीरे   मुस्कुराना  आ   गया
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चूम कर आँचल  हवाओं ने कहा
आज मौसम आशिकाना आ गया
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खुश रहो साजन जहाँ में तुम सदा
ज़िंदगी को खिलखिलाना आ गया
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क्या कहें तुमसे न जाना छोड़ कर
हाल दिल का अब सुनाना आ गया 
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कर रही है यह  हवायें अब वफ़ा 
साथ जीने का ज़माना आ गया
रेखा जोशी
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