Saturday, 23 July 2016

ज़िंदगी को मुस्कुराना आ गया

आप को वादा निभाना आ गया 
ज़िंदगी को मुस्कुराना आ गया
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गीत गाते यह नज़ारे आज तो 
अब हमें भी गुनगुनाना आ गया 
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यह बहारे यह समय ठंडी हवा 
आज दिल को खिलखिलाना आ गया 
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चाँद उतरा अब हमारे अंगना 
रोशनी को झिलमिलाना आ गया 
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रूठ कर साजन न तुम जाना कहीं 
प्यार में हम को मनाना आ गया 

रेखा जोशी