Wednesday, 13 July 2016

रौशनी की इक किरण ही काफी तम को भगाने के लिये

ताल सरोवर नदिया या फिर हो किसी सागर का किनारा
नैया  भवसागर  से पार  हुई   जब   नाम  उसका  पुकारा 
रौशनी की  इक  किरण ही काफी तम को भगाने के लिये
बस इक प्रभु का नाम ही हम सबको यहाँ पर  देता सहारा

रेखा जोशी