Friday, 12 August 2016

है डूब रहा यह देश हमारा

जागो भारत के वीर सपूतो
है डूब रहा यह देश हमारा

लूटें देश भाई कई तेरे
है घर अपना यहाँ सब भर रहे
तार तार किया माँ का आंचल
खनकते पैसों से रहे पगला
है कपूत माँ को नोच खा रहे 
भारत को जकड़ा  घोटालों में
पनप रहा भ्रष्टाचार भारत में 
धधकती यहाँ लालच की ज्वाला

अमर शहीदों को करते प्रणाम 
आज़ादी पर हो गये बलिदान 
तिरंगे का रख कर मान सम्मान  
आज जश्न ए आज़ादी मनाया 

जागो भारत के वीर सपूतो
है डूब रहा यह देश हमारा

रेखा जोशी