Saturday, 24 September 2016

प्यार की धुन पर सजन फिर से बजी शहनाइयाँ

तुम मिले साजन  हमें अब मिट गई तनहाइयाँ
अब  हमारे  बीच तो  बढ़ने लगी नज़दीकियाँ
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साज़ मेरी ज़िन्दगी का बज उठा दिल में सजन
प्यार की धुन पर सजन फिर से बजी शहनाइयाँ
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साथ तेरा पा लिया पाई बहुत हमने  ख़ुशी
हसरतों की शाख पर अब   खिल उठी थी डालियाँ 
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मिल गया जो प्यार तेरा मुस्कुराई ज़िन्दगी 
अब लगी चलने यहाँ फिर प्यार की पुरवाइयाँ 
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है पुकारे रेख उनको जो हमारे है सनम 
साथ तेरा है निभाया बन तिरी परछाइयाँ 

रेखा जोशी