Wednesday, 28 September 2016

श्रद्धा से करते श्राद्ध हम

आते है याद बहुत
नमन करते हम उन्हें
छोड़ कर
जो चले गए दूर हमसे
सदा सदा के लिए
थे जो कभी हमारे अपने
..
लगता है कभी कभी
है वो आस पास हमारे
रखते ध्यान हमारा
अर्पण करते उन्हें नेह से
पसन्द था जो उन्हें
श्रद्धा से करते श्राद्ध हम
थे जो कभी हमारे अपने
....
उनकी आत्मा की
शांति के लिए
पिंड तर्पण करते
दे कर अर्ध्य सूरज को
शत शत नमन करते
दे कर श्रधांजलि उन्हें
थे जो कभी हमारे अपने

रेखा जोशी