Saturday, 1 October 2016

चांदनी रात में हम मिलें कम से कम

हाल दिल का सजन अब कहें  कम से कम
बात  दिल  की  न दिल में रखें कम से कम 
.....
चाँद आया उतर अब गगन में पिया
चांदनी रात में हम मिलें  कम से कम
....
साथ तेरा मिला ज़िन्दगी मिल गई
ज़िन्दगी ने मिलाया हमें कम से कम
....
यह नज़ारें सजन अब  पुकारे हमें
चाँद तारे सजे आ  चले कम से कम
....
अब  बुलाते हमें  फूल बगिया सजन
लूट ले ज़िन्दगी के मज़े कम से कम

रेखा जोशी