Monday, 10 October 2016

मिलती रहे सदा खुशियाँ प्यार की गली है



तकदीर  से  मिले  तुम  तो  ज़िंदगी  मिली है
तकदीर   से   हमें   जीवन   में  ख़ुशी  मिली  है
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खिल खिल गये यहाँ पर  उपवन महक उठे जो
जब  खिलखिला  रही  बगिया में  कली खिली है
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हम को मिला यहाँ सब  ,तुम जो हमें  मिले हो
अब   छा  गया   उजाला   तो  रोशनी   जली   है
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आती रहें बहारें अब प्यार में सजन की
मिलती  रहे सदा  खुशियाँ  प्यार की गली है
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इंतज़ार आपका हम करते रहे हम तो
आओ  सजन  मेरे  पास  शाम   भी ढली है

रेखा जोशी