Wednesday, 2 November 2016

दिलों में खुशियों की कलियाँ खिलाता हूँ

छुपा  के   गम अपने  हँसता  हँसाता  हूँ
दर्द   के   मारों   को   अपना   बनाता  हूँ
नाम   मेरा   जोकर   करता    बाज़ीगरी
दिलों में खुशियों की कलियाँ खिलाता हूँ

रेखा जोशी