Sunday, 1 January 2017

आँखों में आंसू लब पर मुस्कान

महकती रही
रात भर
रात की रानी
मुरझाते रहे
रात भर
गजरे के फूल
ज़िन्दगी भर
करते रहे रोशन
घरो में चिराग
ज़िन्दगी भर
जलते रहे
अरमान  किसी के
सीने में
आँखों में आंसू
लब पर मुस्कान लिए
टूट कर डाली से
महकाती रही
दुनिया सारी

रेखा जोशी