Wednesday, 26 April 2017

हरिगीतिका छंद

हरिगीतिका छंद

प्रदत्त मापनी - 2212 2212 2212 2212 

समांत अके
पदान्त सजन

गाये बहुत है गीत मिलकर  प्यार में चहके सजन 
आओ चलें दोनों सफर यह प्यार का महके  सजन 

हसरत  रही  है  प्यार  में  हम  तुम  रहें साथी सदा 
मुश्किल बहुत है यह डगर इस पर रहें मिलके सजन 

खिलते  रहें अब फूल बगिया मुस्कुराती ज़िन्दगी 
है खिलखिलाते फूल कोयलिया यहाँ कुहुके सजन
....
मिलते रहें हम तुम भरी  हो प्यार से यह ज़िन्दगी
देखो न हमको यूँ   हमारा अब  जिया धड़के सजन
.....
दिन रात करके  याद हम तुमको यहाँ खोये रहें
आ साथ मिलकर हम चलें न'फिर कदम बहके सजन

रेखा जोशी