Tuesday, 23 May 2017

पर्यावरण गीत

प्रकृति का गीत है पर्यावरण
वनों का प्रतीक है पर्यावरण
पर्यावरण यह  पर्यावरण
,
साँसे है तंग इन् हवाओं में
घुला है ज़हर इन फ़िज़ाओं में
हमे करना है  इसका दमन
प्रकृति का गीत है पर्यावरण
,
कुहुके कोयलिया पंछी चहके
है खिले फूल  बगिया महके
गा रहे गीत झरने छना छन
प्रकृति का गीत है पर्यावरण
,
प्रदूषण ने फैलाया यहाँ जाल
है  लिपटी धरा उसमें ये आज
बचाना धरती का है आवरण
प्रकृति का गीत है पर्यावरण
,
चहुँ ओर फैल रहा हाहाकार
कटे पेड़ों से  बिगड़ा आकार
बचाना इनको है हमारा धर्म
प्रकृति का गीत है पर्यावरण
,
धरा में आज मिल खुशियां बो दें
लहलहाने दें   ये पेड़ पौधे
दे रहे  हर पल हमें  ये जीवन
प्रकृति का गीत है पर्यावरण
,
प्रकति का गीत है पर्यावरण
वनों का प्रतीक है पर्यावरण
पर्यावरण यह  पर्यावरण

रेखा जोशी