Thursday, 5 October 2017

रात की नींद और दिन का चैन खो गया


कही सुनी पे बहुत एतबार करने लगे
दिल ओ जान से उनको प्यार करने लगे
,
मालूम न था  इक धोखा है यह ज़िन्दगी
इस धोखे का  पिया  इकरार करने लगे
,
लगे देखने हम तो ख्वाब रात दिन सजन
नींद  में  ही  उनका  दीदार करने लगे
,
खोल कर रख दिया हमने दिल अपना सजन
अपने प्यार का सदा इजहार करने लगे
,
रात की नींद और दिन का चैन खो गया
याद उन्हें हम तो बार बार करने लगे

रेखा जोशी