Thursday, 7 December 2017

मुक्तक

2122  2122  212
अब हुई  हम पर इनायत प्यार में
जिंदगी तुमको  इज़ाज़त प्यार में
महकती वादियां पुकारें अब यहाँ
आज आने को कयामत  प्यार में
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मुक्तक 02

मात्रा भार 23

करता  सदा प्यार साजन तुम्हे प्यारा मन
तुमसे मिलने  को मचल  उठा हमारा मन
मिल  गई  मंजूरी  पिया अब  ज़माने   से
कब तक भटकोगे  लिये तुम आवारा मन

रेखा जोशी