Monday, 19 February 2018

उपवन सजा हुआ है अब फूल मुस्कुराएं

छंद – दिग्पाल (मापनी युक्त)
मापनी -221 2122 221 2122

उपवन सजा हुआ है अब फूल मुस्कुराएं
हमको मिले पिया तुम हम आज गीत गाएं
,
खामोश चल रही है यह ज़िन्दगी हमारी
देखो  बुला  रही  हैं शीतल  हमें  हवाएं
,
साजन चलें सफर में अब साथ साथ दोनों
तेरे सिवा  हमें सजना कुछ न और भाए
,
छाई  बहार मौसम साजन खिला खिला सा
है चांदनी गगन में बिखरी यहां अदाएं
,
राहें जुदा जुदा थी पर आज मिल गये तुम
साथी जन्म जन्म के खुशियाँ यहां मनाएं

रेखा जोशी