Thursday, 12 April 2018

भर उमंग जीवन में अपने

नहीं कटता अकेले
जिंदगी का सफर
किसे सुनाएँ
हाल ए दिल अपना
कंटक इक सीने में चुभता
फिर भी
मुस्कुरा कर चल मुसाफिर

सुख दुख जीवन के
दो पहलू
आते जाते
फ़िर क्यों हम
ग़म में डूब जाते
किस बात का हम
ग़म मनाते
जीवन है इक
छोटा सा सफर
जी ले जीवन का हर पल
फिर यहां सदा
मुस्कुरा कर चल मुसाफिर
भर उमंग जीवन में अपने
और फिर
मुस्कुरा कर चल मुसाफिर

रेखा जोशी