Ocean of Bliss
Friday, 11 May 2018

है बरकत मां के हाथों में

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है बरकत मां के हाथों में भर देती अपने बच्चों की झोली खुशियों से रह जाती सिमट कर दुनिया सारी उसकी अपने बच्चों में करती व्रत अपने परिवार...
Tuesday, 8 May 2018

मर रही संतान तेरी अपने बंधुजनों से

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समझ सकती पीड़ा तुम्हारी खून के प्यासे दो भाईयों को देख कर तिलमिला उठी दर्द से यह कोख मेरी माँ हूँ न रचना जो की उनकी रचयिता जो तुम हो स...

सुरक्षा कवच

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है सुरक्षा कवच  ज़िंदगी का साया सिर पर माँ का हूँ निर्भय मै जो है अपार स्नेह मुझ पर मेरी माँ  का मिलता बल मुझे जब हाथों ने उनके है थाम...
Friday, 4 May 2018

मजदूर दिवस पर

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खून पसीना कर अपना एक दो जून की रोटी  खाते  हैं जिस दिन मिलता कोई काम नहीं भूखे ही सो जाते है रहने को मिलता कोई घर नहीं सर ऊपर कोई ...
Wednesday, 2 May 2018

लेकर नव रूप करे सिंगार यह जिंदगी

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हर्ष  में  खिलता  हुआ  प्यार  है  ज़िंदगी ले  नव  रूप  करे    सिंगार    है  जिंदगी सूरज  नित  आता  गगन नई  आस लिए आगमन   भोर  का  आधार   ...

पड़ोसी नहीं थे वो

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याद है वो दिन तपती दोपहरी के बाद शाम को जब गली में अपनी लगता था बच्चों का मेला पड़ोस के सब बच्चे मिल कर खेलते थे खेल नये और हाथ में प...
Tuesday, 1 May 2018

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ज़िन्दगी में मुस्कुराना सीख लो गीत अब तुम गुनगुनाना सीख लो दर्द से यह जिन्दगी माना भरी हर घड़ी खुशियाँ मनाना सीख लो रेखा जोशी
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