Friday, 9 April 2021
अनबुझी प्यास
›
जो टूटे न कभी विश्वास हूँ मैं अनवरत करती प्रयास हूँ मैं जो बुझ न सकी सागर से भी वो ही अनबुझी प्यास हूँ मैं रेखा जोशी
1 comment:
Wednesday, 17 March 2021
जीवन सफर
›
टेढ़े मेढ़े रास्ते, जीवन डगर पथरीली राहों पर जीवन सफ़र मुश्किल कैसे चलें हम सम्भल के रखना पांव जिंदगी की राहें आसान नहीं होती … खुशी नहीं गम...
6 comments:
Monday, 22 February 2021
बाय बाय,टाटा जिंदगी
›
जन्म और मरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिसने जन्म लिया एक दिन उसे मरना ही है, हम कहाँ से आए कुछ पता नहीं, हम मर कर कहाँ जाएंगे कुछ पता नही...
4 comments:
Saturday, 20 February 2021
सुख दुख
›
कोई ऐसा नहीं जो खुश हो इस जग में पूर्णतया मिलते हैं सुख दुख जीवन में सबको माना कि लम्बी हो जाती हैं घड़ियां दुख की न मिले दिन को चैन न रात...
1 comment:
Monday, 8 February 2021
ज्योति प्रेम की
›
जला कर ज्योति प्रेम की पार हुए भव सागर से तर गए संत फकीर छलकाए प्रेमरस गागर से प्रेम पूजा प्रेम शिव सबसे प्रेम कर ले तू बरसा अमृत की बूँद...
1 comment:
Sunday, 7 February 2021
कोरोना का कहर
›
कोरोना का कहर न जाने कितने दिनों से नीलू की आँखे दरवाज़े पर ही टिकी हुई थी , कोरोना काल में पता नहीं कितने मील दूर पैदल चल कर उसकी आँखों का...
2 comments:
Friday, 5 February 2021
सपनों का संसार
›
रेनू ,सीमा के बचपन की सखी ,एक अत्यंत सरल स्वभाव और सात्विक विचारों वाली प्यारी सी लडकी थी । सीमा को बहुत ही आश्चर्य होता था जब भी रेनू कोई भ...
‹
›
Home
View web version