गीत
खोया हुआ पल, वापस ना आए,
दिल ये मेरा, उसे ही बुलाए।
रातों में तेरी, यादें जगाए,
खोया हुआ पल... बस याद बन जाए...
वो हँसी कहीं, खामोशी में चला
आज वही रेत सा, फिसलता जाए
खोया हुआ पल, वापस ना आए,
दिल ये मेरा, उसे ही बुलाए।
क्यों वक्त यूँ, बदल जाता है,
जो अपना था, दूर हो जाता है.
फिर क्यों न जीवन में हम मिल पाएं
खोया हुआ पल, वापस ना आए,
दिल ये मेरा, उसे ही बुलाए।
रातों में तेरी, यादें जगाए,
खोया हुआ पल... बस याद बन जाए...
रेखा जोशी .
खोया हुआ पल ,खो ही जाता है स्मृतियों में ।
ReplyDeleteसादर।
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नमस्ते,
आपकी लिखी रचना मंगलवार ३१ मार्च २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
सुंदर
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