Thursday, 31 October 2013

दीपावली पर हाइकु


पिया की आस 
जल रहे है दीये 
आ जाओ पास 
……………… 
दीपक जले 
करें लक्ष्मी पूजन 
प्यार से मिलें 

रेखा जोशी 

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें 


रहे माँ लक्ष्मी का वास सदा आपके घर में

वास्तु टिप्स

१इस बात का सदा ध्यान रखें कि आपके घर के किसी भी नल से पानी बहना याँ  टपकना नही चाहिए वह इसलिए कि पानी का बहने  याँ टपकने से आपकी जेब हल्की हो  सकती है ,अपने घर के सभी नल ठीक करवा ले |
२ अगर आपका व्यवसाय होटल याँ भोजन ,भोजन सामग्री के साथ जुड़ा हुआ है तो वहां का प्रवेश दुवार का मुख दक्षिण दिशा में होना चाहिए |
३ अगर आपका व्यवसाय मनोरंजन याँ खेलकूद से जुड़ा हुआ है तो वहां के मुख्य प्रवेश दुवार का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए
४ अन्य व्यवसायों के लिए प्रवेश दुवार का मुख उत्तर दिशा में शुभ माना जाता है |
५ अपने घर का कीमती समान ओर तिन्जोरी ऐसी अलमारी में रखे जो सदा पश्चिम याँ दक्षिण की दीवार की तरफ लगी होनी चाहिए ताकि उसके दरवाज़े खुले वह पूर्व याँ उत्तर दिशा की तरफ खुले

रेखा  जोशी 

वैभव और समृद्धि



वह अपने हाथों की लकीरो को बदल देते है 
जो मेहनत को ही अपना नसीब बना लेते है 
छोड़ जाते है वह वक्त की धारा को भी पीछे 
वैभव और समृद्धि उनके अंक में खेलते है 

रेखा जोशी

Wednesday, 30 October 2013

अनछुई ऊँचाईयाँ

ओ पंछी छोड़ पिंजरा 
भर ले उड़ान 
नील गगन में 
सांस ले तू
उन्मुक्त खुली हवा में 
तोड़ बंधन 
फैला कर पँख 
ज़मीं से अम्बर 
पार कर मुश्किलें 
छू लेना तुम 
अनछुई ऊँचाईयाँ 

रेखा जोशी 

Tuesday, 29 October 2013

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें 

रौशन हुआ शहर दीप सब जगह जलते है 
फुलझड़ी कहीं तो पटाखे कहीं चलते है
शुभकामनाएँ दीपावली की मित्रजनो को 
खुशियों के मेले आज हर जगह लगते है 

रेखा जोशी

Monday, 28 October 2013

जाने कहाँ चली गई ज़िंदगी

मेरे घर के पिछवाड़े 
आँगन में सुबह शाम 
पंछियों का चहचहाना
शहतूत के घने पेड़ पर 
जो था  रैन बसेरा 
अनेक जीवों का 
दूर करता 
सूनापन 
बस्ती थी जहाँ अनेक 
ज़िंदगियाँ 
है आज वीरान
खामोश सुनसान  
लेकिन आता याद
वही कलरव 
चहचहाना उनका 
न जाने
कहाँ चली गई 
ज़िंदगी भी उनके साथ 

रेखा जोशी 

Sunday, 27 October 2013

तेरी यादों में

महकने  लगता  है  मेरा अंगना तेरी  यादों में
रात में सकून पाते  है हम तन्हा  तेरी यादों में
ख्वाबों से निकल कभी तो आओ जीवन में मेरे
कब तक  तड़पाते  रहोगे सजना  मेरी नींदों में 

रेखा जोशी