Sunday, 30 August 2015

आते जाते नित सुख दुःख साथी यहाँ


गहरा सागर मगर किनारा दूर नहीं 
काली रात मगर उजियारा दूर नहीं 
आते जाते नित सुख दुःख साथी यहाँ
भरोसा कर प्रभु का सहारा दूर नहीं 

रेखा जोशी 


Friday, 28 August 2015

HAPPY RAKSHABANDHAN

नेह बंधन
है बहना का प्यार
रक्षाबंधन

भाई बहना
मनभावन रिश्ता
सबसे प्यारा

प्यार का धागा
बचपन का साथ
अटूट रिश्ता

फ़र्ज़ निभाना 
कलाई पर राखी
भूल न जाना


राखी के तार
मिलता उपहार
प्यारा त्यौहार

रेखा जोशी

Wednesday, 26 August 2015

बहुत हो चुका अब न रोना मेरी प्यारी माँ

है   बह  रहे  मोती  तेरी  आँखों  के  आँसू
है  रोता  मन  देख  तेरी  आँखों   में आँसू
बहुत हो चुका अब न रोना मेरी प्यारी माँ
पोंछ  दूँगा  इक  दिन  तेरी आँखों से आँसू

रेखा जोशी 

धुन मुरली की सुन कर हो गई राधिका बांवरी

राधा का यह कृष्ण कन्हैया मुरली मधुर बजाये
मोर  मुकुट  पीतांबर  सोहे  बँसी  अधर   सुहाये
धुन  मुरली  की सुन कर हो गई  राधिका बांवरी
प्रेम में  पागल  राधा  की  प्रीती  अमर  कहलाये
रेखा जोशी 

Sunday, 23 August 2015

है जीने का सहारा यह प्यार का बंधन

है जीने का सहारा यह प्यार का बंधन
है प्यार ने संवारा यह प्यार का बंधन
जी चाहता है डूब जायें इसमें हम तुम 
टूटे न कभी हमारा यह प्यार का बंधन
रेखा जोशी

Wednesday, 19 August 2015

शर्मीला चाँद

सुन्दर सलोना
नभ पर
बादलों के झरोखों से
झाँक रहा
वह शर्मीला चाँद
.
शीतल चांदनी
मदमस्त पवन
संग संग मेरे
चल रहा
वह शर्मीला चाँद
.
लो वह उतर आया
धरा पर
बन प्रियतम देख
हर्षाया मन
खेल रहा मेरे संग
आँख मिचोली
वह शर्मीला चाँद
.
पिया मिलन
है चांदनी रात
हाथों में लिये हाथ
ओढ़े आँचल हया का
खिड़की से मुस्कुराया
वह शर्मीला चाँद
.
रेखा जोशी

Tuesday, 18 August 2015

आज महकता उपवन हम से

तुम और मै
दोनों
फूल एक उपवन के
सींचा और सँवारा
माली ने
एक समान हमे
आज
भरा जीवन हम में
आज
महकता उपवन हम से
कल क्या होगा
मालूम नही
होंगे कहीं सज रहे
किसी के सुंदर केश में
या
बन गुलदस्ता
महकता होगा किसी का अँगना
या
प्रभु के चरणो से लिपट
होगा जीवन सफल
या
रौंद दिये जायें गे
पांव तले किसी के
लेकिन
छोडो यह सब
आज
भरा जीवन हम में
आज
महकता उपवन हम से


रेखा जोशी