Monday, 2 May 2016

वाचिक बाला
मूल छंद 
हम सदा प्यार करते रहेंगे 
प्यार का  दर्द सहते  रहेंगे 
ज़िंदगी प्यार हमने निभाया 
क्या कियाआज तुमने सताया 

छंद  मुक्तक 
हम सदा  प्यार करते रहेंगे  
प्यार का  दर्द सहते  रहेंगे  
ज़िंदगी प्यार हमने निभाया 
वक्त के संग चलते रहेंगे 

रेखा जोशी 


212 212 212 2 
 

Sunday, 1 May 2016

गोल मोल बातों से छोडो बहकाना जनता को

भूख  गरीबी  महँगाई  ने रुलाया जनता  को
नेताओ  ने बेवकूफ बहुत बनाया  जनता को
खोखला करते  देश को जान चुकी सब घोटाले
गोल मोल बातों से छोडो बहकाना जनता को

रेखा जोशी 

Saturday, 30 April 2016

साथ रहना तुम कभी मत छोड़ना जानम आज


अब सिमटते है उजाले थाम कर आँचल  आज
फिर सुबह आती नई खुशियाँ लिये दामन आज
………………
देख तेरे नैन हम उसमे समा कर रह गये
बाँध कर तुमने हमें क्यों कर रखा साजन आज 
………………
तुम हमे क्यों कर सताते हो सदा यूँ ही सनम
छोड़ कर गर चल दिये आये न हम  बालम आज
………………
रात के साये हमें रह रह डराते है सनम
साथ रहना  तुम कभी मत छोड़ना जानम आज
…………… …
रात फिर से  डूब जाये गी अँधेरे में सनम
चाह जीवन में उजालों की हमे प्रियतम आज

रेखा जोशी


Friday, 29 April 2016

दिया है ज़िंदगी ने प्यार ही प्यार

दिया  है हाथ  तेरे  हाथ  अब आज 
रहे  चल ज़िंदगी के साथ अब आज 
दिया  है  ज़िंदगी ने  प्यार ही प्यार 
रक्षा करना सदा हे नाथ अब  आज 

रेखा जोशी 



Thursday, 28 April 2016

दिल में प्रीत वह अपने छुपा कर

नयनों में लौ दिये की जला कर
पथ में पिया के पलके बिछा कर
निहार रही वह राह प्रियतम की
दिल में प्रीत वह अपने छुपा कर

रेखा जोशी

उसका हर अंदाज़ लुभाने वाला था


साजन  मेरे अँगना आने वाला था
उसका हर अंदाज़ लुभाने वाला था 
 . 
है रह रह कर तेरी यादों ने मारा 
साथी तेरा प्यार सताने  वाला था 
. 

धोखा खाया हमने तुम को दिल दे कर  
मेरे दिल का दर्द  बढ़ाने वाला था 

दिल लूटा तुमने अपनी बातो से जब 
बातों से  संसार  बनाने  वाला था 
. 
माना तुम प्यार हमें करते हो साजन  
आँखों से अब नीर बहाने वाला था 

रेखा जोशी 

Wednesday, 27 April 2016

दो जिस्म मगर हैं इक जान हम तुम

दो जिस्म मगर हैं इक जान हम तुम
कैसे   रह   पायें  अनजान   हम  तुम
आओ   करते   मिल  प्यार की  बाते
है  इक  दूजे  की  पहचान   हम  तुम

रेखा जोशी