किया इंतज़ार पिया बरसों ,नहीं तुमको अब खोना है
जीवन बसन्ती पीली सरसों, बीज खुशियों का बोना है
है आस लगाये बैठे हम , फूल बिछा तेरी राह में
आज नहीं तो कल या परसों, मिलन तो इक दिन होना है
रेखा जोशी
Thursday, 9 February 2017
है आस लगाये बैठे हम
Wednesday, 8 February 2017
कवि रामधारी सिहं दिनकर
कहते है "जहाँ न पहुचे रवि , वहाँ पहुंचे कवि "अर्थात कवि की असीम कल्पना शक्ति सूर्य की किरणों से भी प्रखर होती है ,कवि द्वारा रची गई रचना एक क्रांति को जन्म दे सकती है ,एक आंदोलन पैदा कर सकती है ,जन जन में जोश भर सकती है।ऐसे ही एक जनकवि का जन्म 23 सितम्बर 1908 में बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में हुआ था "नाम था रामधारी सिंह दिनकर"।
दिनकर जी की कविताएं जोश और ओज से परिपूर्ण है ,भले ही समय बदल गया है लेकिन वह आज भी उतनी प्रासंगिक है जितनी कि वह पहले थी,उनकी कविताएं सामाजिक परिस्थितियों पर लिखी गई है ,उनकी प्रसिद्ध रचनाएं,उर्वशी,कुरुक्षेत्र,रेणुका,,रश्मिरथी,द्वन्दगीत,बापू ,धूप छाँव,मिर्च का मज़ा ,सूरज का ब्याह,आदि है। 1972 में उन्हें उर्वशी के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ,अपने जीवन काल में उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया । जहां उन्हें राष्ट्रकवि का दर्जा मिला था वहीं वह जनकवि भी थे ,चाहे अनपढ़ हो या पढा लिखा उनकी कविताएं हर किसी को भाति थी। दिनकर जी की कविताओं की एक खास विशेषता थी ,अनुभूति एवं अभिव्यक्ति की तीव्रता ।
24 अप्रैल 1974 हमने उस अनमोल रत्न को खो दिया ।
उनकी लिखी हुई कुछ पंक्तिया "कुरुक्षेत्र" से
“निभाना पार्थ-वध का चाहता था राधेय प्रण.
द्रुपद था चाहता गुरु द्रोण से निज वैर का शोधन.
शकुनि को चाह थी, कैसे चुकाए ऋण पिता का,
मिला दे किस भांति धूल में किस भांति कुरु-कुल की पताका.
सुयोधन पर न उसका प्रेम था, वह घोर छल था.
हितु बनकर रखना ज्वलित केवल अनल था.
जहाँ भी आग थी जैसी, सुलगती जा रही थी
समर में फूट पड़ने के लिए अकुला रही ठी.
सुधारों से स्वयं भगवान के जो-जो चिढ़े थे,
नृपति वे क्रुद्ध होकर एक डाल में जा मिले थे
नहीं शिशुपाल के वध से मिटा था मान उनका.
दुबककर रहा था धुंधुँआ द्विगुण अभिमान उनका.”
"अगले छंद में उन्होंने युधिष्ठिर को भी कठघरे में खड़ा कर दिया "
जब युद्ध में फुट पड़ी थी आग,
तो कौन सा पाप नहीं किया तूने?
गुरु के वध के हित झूठ कहा,
सर समाधि में ही काट लिया तूने;
छल से कुरुराज की जांघ तोड़,
नया रण-धर्म चला दिया तूने;
अरे पापी, मुमूर्षु मनुष्य के वक्ष को ,
चीर सहास लहू पिया तूने !
रेखा जोशी
Tuesday, 7 February 2017
जियेंगे मरेंगे हम देश की खातिर
बहुत देखे हमने परिधान विदेशी
है पहनते हम पहनावा स्वदेशी
,
दूर देश समुन्दर पार घूम आये
है ह्रदय हमारे समाया स्वदेशी
,
भांति भांति के हमने खाये व्यंजन
भोजन हमें घर का भाया स्वदेशी
,
जियेंगे मरेंगे हम देश की खातिर
गगन में तिरंगा लहराया स्वदेशी
,
करें हम सलाम उन वीर जवानों को
है खून जिन्होंने बहाया स्वदेशी
रेखा जोशी
,जिंदगी आज बेज़ार है
212 212 212
ज़िन्दगी से हमें प्यार है
प्यार से आज इकरार है
रोग कैसा लगा यह पिया
ज़िन्दगी आज बेज़ार है
रेखा जोशी
महालक्ष्मी 'मापनीयुक्त वर्णिक छंद
212 212 212
साथ तेरा मिला जो पिया
आज लागे नहीं है जिया
पास आओ हमारे अभी
काश आ के न जाओ कभी
....
देख के रूप तेरा पिया
चाँद भी आज शर्मा गया
रात को रौशनी है मिली
मीत मै संग तेरे चली
....
है ख़ुशी आज गाते रहें
ज़िन्दगी जाम पीते रहें
प्रीत को तोड़ जाना नही
छोड़ना साथ आता नही
.....
प्रीत दोनों निभाते रहें
मीत यूँ गीत गाते रहें
साथ तेरा मिला ज़िन्दगी
प्रीत पाई यहाँ ज़िन्दगी
रेखा जोशी
लावणी छंद
लावणी छंद
उपवन खिलते फूल फूल जब रंगीन छटा मन भाये
शीतल समीर दे हिचकोले मन मोरे सजन समाये
आये अँगना मोरे सजना हर्षाया हमारा जिया
है नैनो में सपने तेरे साँवरिया सलोने पिया
रेखा जोशी
Monday, 6 February 2017
गर्मी के मौसम में घर की सजावट
आजकल मौसम बदल रहा है ,जाड़ा जाने को है और होली आने को है,जैसे जैसे मौसम बदलता है वैसे ही हमारा मूड भी बदलता है ।ग्रीष्म ऋतु का आगमन हो रहा है गर्मी के मौसम में घर की सजावट के लिए कुछ टिप्स
1 इस मौसम में हल्के रंग आँखों को ठंडक देते है ,अपने घर की दीवारों पर सफेद या हल्के रंग का पेंट करवाना चाहिए । हल्के रंगों से घर में रौशनी फैलती है और घर का माहौल भी खुशनुमा रहता है।
2 अपने घर को अनावश्यक सामान से मत भरिये , केवल आवश्यक वस्तुएँ ही रखे,ऐसा करने से घर में खुलापन रहता है।
3अपने घर के विभिन्न कमरों के लिए फर्नीचर खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि फर्नीचर कमरे के हिसाब से बड़ा न हो ।
4 अपने घर के कमरों के खिड़की दरवाजों के पर्दों के लिए भी हल्के और दीवारों के पेंट से कंट्रास्ट रंग कमरे की सजावट में निखार लाते हैं।
5 अपने घर में लाइट्स का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
6अपने घर के कमरों के कोनो की सजावट का भी ध्यान रखना चाहिए जैसे कि घर के ड्राईंग रूम के कोने में कोई आकर्षक डेकोरेटिव पौधा या कोई आर्टिफिशियल पौधा भी ड्राईंग रूम की सजावट में चार चाँद लगा सकता है ।
सजावट के साथ साथ सबसे महत्वपूर्ण है घर की सफाई ,साफ़ सुथरा घर देखने में सुंदर लगता है और शांति भी प्रदान करता है
रेखा जोशी