Wednesday, 31 May 2017

फूलों को बगिया में मुस्कुराते देखा

फूलों को  बगिया  में मुस्कुराते  देखा
भँवरों को भी गुन गुन गुनगुनाते देखा
कुहुक रही  कोयलिया यहाँ डार डार
तितली  को  भी उत्सव  मनाते  देखा

रेखा जोशी

Tuesday, 30 May 2017

धड़कन बस में नहीं हमारी है


फ़ूलों से सजी आज क्यारी है
अँगना खिली आज फुलवारी है
छाई  मोहब्बत चहुँ ओर आज
धड़कन बस में नहीं हमारी है

रेखा जोशी

Monday, 29 May 2017

दूर दोनों आज सबसे ,चलें हम उसपार

2122 2122, 2122 21
दूर दोनों आज सबसे ,चलें हम उसपार
अब खिलेगा ज़िन्दगी में,प्यार का संसार
,
चल रहे हम साथ ले कर, हाथ में अब हाथ
प्यार की हम पर यहाँ बरसे सदा बौछार
..
राह मुश्किल जान कर तुम ,रुकना मत आज
फिर करेगी आज हम पर   ,ज़िन्दगी उपकार
,
साथ मिल कर जब चले हम ,मीत रहना पास
कर लिया तेरी सजन अब,प्रीत को स्वीकार
,
तुम निभाना साथ मेरा, हम रहेंगे साथ
है खुशी अब ज़िन्दगी में,तुम देना अधिकार

रेखा जोशी

न जाने सजन क्यों खफा हो रहा है

122. 122. 122. 122

न जाने  सजन क्यों खफा हो रहा है
हमें दर्द दे कर जुदा हो रहा है
,
निभाई नही प्रीत  उसने कभी भी
किया प्यार उसने गुमा हो रहा है
,
सताये हमें याद तेरी कहाँ  हो
रहे जागते  क्या यहाँ हो रहा है
,
गये छोड़ हमको सजन तुम कहाँ पर
बिना प्यार जीवन सजा हो रहा है
,
रहे हम अकेले रहा प्यार तन्हा
किसी का नहीं अब भला हो रहा है

रेखा जोशी

Friday, 26 May 2017

रिश्ते पनपते जहां प्यार हो आधार

रिश्ते  पनपते जहां  प्यार  हो आधार
बीत गये दिन कभी रिश्तों में था प्यार
रिश्तों  में उगने  लगी आज  नागफनी
जीवन का समझ मे आता है अब सार

रेखा जोशी

प्यार बिन नैन खोते हमारे

212 212 2122

प्यार   बिन  चैन  खोते हमारे
याद    में   नैन   रोते    हमारे
जी लिये चार दिन ज़िन्दगी के
काश   तुम   संग  होते  हमारे

रेखा जोशी

राजनीति करते नेता कैसे कैसे हमारे


राजनीति  करते  नेता  कैसे  कैसे हमारे
भाई भाई को  लड़ाते  यहाँ  कैसे सुधारें
अपने फायदे के लिये कराते दंगा फसाद
सोचे जनता अपने भारत को कैसे सँवारे

रेखा जोशी