Tuesday, 31 May 2016
नम आँखों से हम उन को देखते है
›
नम आँखों से हम उन को देखते है जहाँ वह गये उस पथ को देखते है आखिर वह आये जीवन में हमारे कभी उनको कभी खुद को देखते है रेखा जोशी...
नामुमकिन को मुमकिन अब कर दिया हमने
›
शीश अपना प्रभु तुम्हारे चरणो में हमने अब रख दिया प्रेम का प्याला लब पर अपने अब धर दिया पा ली भक्ति असीम ...
Monday, 30 May 2016
इक कहानी मगर अनकही रह गई
›
बात दिल की हमारे धरी रह गई इक कहानी मगर अनकही रह गई … दिल मचलता हुआ कब कहाँ खो गया प्यास दिल की अधूरी अभी रह गई … यूँ चले...
सफलता और शुभकामनाएं [पूर्व प्रकाशित रचना ]
›
सफलता और असफलता ज़िंदगी के दो पहलू है ,लेकिन सफलता की राह में कई बार असफलता से रू ब रू भी होना पड़ता है ,बल्कि असफलता वह सीढ़ी है जो सफलता पर...
Sunday, 29 May 2016
नारी शोषण
›
नारी सशक्तिकरण पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है और बहुत कुछ लिखा जा रहा है ,लेकिन नारी की स्थिति को लेकर आज भी कई सवाल है जिनका उत्तर समाज से अप...
आओ जी लें ज़िंदगी प्यार से
›
मिल कर रहें यहाँ सभी प्यार से ख़ुशी से करें बंदगी प्यार से गुणा भाग नहीं जीवन हमारा आओ जी लें ज़िंदगी प्यार से रेखा जोशी ...
Friday, 27 May 2016
ओढ़ कर लाज का आँचल मुस्कुराया वह शर्मीला चाँद
›
बन प्रियतम धरा पर उतर आया वह शर्मीला चाँद ओढ़ कर लाज का आँचल मुस्कुराया वह शर्मीला चाँद खेल रहा चन्दा आँख मिचोली चाँदनी लिये संग...
‹
›
Home
View web version