Friday, 30 September 2016

पाक को हमने सबक अब है सिखाना

पाक को हमने सबक अब है सिखाना
आज भारत को जहाँ में है उठाना
.
साँस दुश्मन को मिटा कर आज लेंगे
साथ मिलकर है बुराई को मिटाना
.
मिट गये है देश पर लाखो सिपाही
आज कुर्बानी ज़माने को बताना
,
देश के दुश्मन छिपें घर आज अपने
पाठ उनको ढूँढ कर अब है पढ़ाना
.
प्यार से मिलकर रहें आपस सदा हम
आज मिलकर देश को आगे बढ़ाना
रेखा जोशी

ज़िन्दगी की कसम ज़िन्दगी मिल गई

देख  कर आप को यह ज़ुबाँ सिल गई  
मुस्कुराती हुई  हर  कली  खिल  गई 
पा  लिया  प्यार हमने  पिया का यहाँ 
ज़िन्दगी की कसम ज़िन्दगी मिल गई 

रेखा जोशी 


यूँ तो लाखों मिले तुम सी स्नेहिल नहीं मिली

ढूँढा  हर  गली प्रेम  भरी महफ़िल नहीं  मिली
यूँ  तो लाखों मिले तुम सी स्नेहिल नहीं  मिली
डगर  डगर  डोलते  रहे  नहीं  मिले  तुम   हमे
 है  राहें बहुत मिली मगर  मंज़िल  नहीं  मिली

रेखा जोशी 

Thursday, 29 September 2016

न तुम रूठना प्यार अपना दिखा कर

कहाँ ज़िन्दगी तुम चली हो  बुलाकर 
नहीं हम करेंगे गिला दिल दुखा कर 
.... 
दिखाते नहीं हाल दिल का किसी को 
सुनायें  किसे बात  अपनी  बता कर 
...... 
खिले फूल उपवन सजा आज अँगना 
गई ले सजन रंग  तितली चुरा कर 
.... 
चली  है हवा  आज  मौसम  सुहाना 
कहाँ  ले  गई  साथ  आंधी  उड़ा कर
... 
हमें  छोड़ जाना नहीं तोड़ना दिल 
न तुम रूठना प्यार अपना  दिखा कर 

रेखा जोशी 


Wednesday, 28 September 2016

भगोड़ों ने सिपाही मार डाले रात में आ कर


1222 1222 1222 1222

छुरा  घोंपा  लगाई  आग  नफरत  की  पड़ोसी ने 
निहत्थे   वीर   मारे  वो  शरारत   की  पड़ोसी  ने 
भगोड़ों ने   सिपाही  मार  डाले  रात   में  आ कर 
जमीं  रोयी  गगन रोया जो' हरकत की पड़ोसी ने

रेखा जोशी 

सजा दिये पुष्प मुझ पर

सँवर गया  जीवन  यहाँ
रहा  अब  ठूठ  बन  यहाँ
सजा दिये पुष्प मुझ पर  
महकाते  कण कण यहाँ

रेखा जोशी 

ज्योति सदा जलती रहे माँ शारदे

दीप ज्ञान  का जला   हे  माँ शारदे
ज्योति  सदा जलती रहे माँ शारदे 
फैले  जगत  में उजियारा ज्ञान से
शत शत नमन करें तुझे माँ शारदे

रेखा जोशी