Sunday, 6 October 2019

ख्वाहिशें

अधूरे ख्वाब अधूरी ख्वाहिशें

जाने कब होंगी पूरी ख्वाहिशें

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बहुत मिले जीवन के मेले में

रहे हम हमेशा ही हाशिये पे

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हसरतें रहीं दिल ही दिल में बस

अरमान रहे सदा अधूरे से

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साथ मिलता गर हमें तेरा तो

जिंदगी भरी होती उजाले से

लड़खड़ाती नैया बीच सागर

ले आए कोई तो किनारे पे

रेखा जोशी

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