Tuesday, 30 November 2021

चाय

गर्मा गर्म चाय
सुबह सुबह की 
और साथ 
तुम्हारा है
खुदा कसम
यह पल सबसे
प्यारा है
,,
वाह 
क्या मिठास है
तुम्हारे हाथों की
बनी चाय में
बनी रहे ऐसी ही मिठास
रिश्तों में हमारे
और कट जाए सफर
ज़िन्दगी का
चाय की चुस्कियों के संग
हमारा तुम्हारा

रेखा जोशी


Friday, 26 November 2021

हो रहा है जो उसे होने दो

माना कि
है संघर्षरत ज़िन्दगी यहाँ
मिलते हैं गम तो मिलने दो
हो रहा है जो होने दो
,,
सुख दुख से भरी है जिंदगी
हर वक्त इम्तिहान लेती है ज़िन्दगी
सुलझा लो
गर न सुलझे कभी तुमसे
प्रार्थना करो और उसे
ऊपरवाले पर छोड़ दो
हो रहा है जो उसे होने दो
,,
जीत मिलती कभी
मिलती है हार यहाँ
है जीवन हमारा धूप छांव यहाँ
लम्हा लम्हा हाथों से 
गर फिसल रही हो जिंदगी
तो फिसल जाने दो
हो रहा है जो उसे होने दो
,,
जीवन इक खेला
है यहाँ दो दिन का मेला 
मिलती हैं खुशियाँ यहाँ
सन्नाटा मौत का भी है यहाँ
गर बहते हैं आँसू तो बहने दो
हो रहा है जो उसे होने दो
,,
न ग़म कर यहाँ
पुष्पित ज़िन्दगी भी महकती यहाँ
मुस्कुराहट चेहरे पर भी आने दो
हो रहा है जो उसे होने दो


रेखा जोशी



Monday, 22 November 2021

ओम की गुंजन

ओम की गुंजन

ओम के जाप से हो जाता शान्त मन

गूंज से इसकी  हो जाता कंपित तन

,,

वेदों में  बतलाया ओम का स्वरूप

महिमा ओम की है सदा सत्य सनातन

,,

ओ उ  म में है समाया  सारा ब्रह्माण्ड

गूंगा भी करता है ओम का उच्चारण

,,

 जप कर ओम ओम कल्याण होगा सबका

ओम  ही   साकार   रूप   ओम ही  निर्गुण

,

ओम  नाम  से कट  जाते  सभी के पाप 

है कण कण में  समाई ओम की गुंजन

रेखा जोशी




Friday, 19 November 2021

शीर्षक तेरी ज़िद

शीर्षक  तेरी ज़िद

प्यार मेरा झुक गया ,तेरी ज़िद के सामने
लो मानी हार पिया  ,तेरी ज़िद के सामने
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कसम देकर तुमने सजन चुप हमें करा दिया
लबों को अब सी लिया , तेरी ज़िद के सामने
,,
सही होकर भी हमें गलत साबित कर दिया 
दर्द दिल में रख दिया, तेरी ज़िद के सामने
,,
कहने पर आते तो हम भी कह देते सजन
प्यार तुमसे है किया, तेरी ज़िद के सामने
,,
अब न लो और तुम इम्तिहान हमारे सब्र का
घबराने लगा  जिया, तेरी ज़िद के सामने

रेखा जोशी