Monday, 28 October 2019

खिली खिली धूप तुम्हारी मुस्कराहट

भोली  भाली सूरत प्यारी  मुस्कुराहट 
खिली खिली धूप  तुम्हारी मुस्कराहट 
देखते  रह   गए  हम   सूरत  तुम्हारी 
बसी  आँखों  में   तुम्हारी  मुस्कुराहट 

रेखा जोशी

Friday, 25 October 2019

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं


दीपावली का उत्सव मनायें 
फुलझड़ी और पटाखे चलायें 
सीखें मिलजुल कर रहना हम सब 
नेह का दीपक घर घर जलायें 

रेखा जोशी 

Thursday, 24 October 2019

माँ

माँ जन्नत है तेरे कदमों तले

नहीं देखा खुदा को कभी

तू ही तो है खुदा मेरे लिए

कैसे जान लेती हो मेरे दिल की बात

पूरे कर देती हो अरमान मेरे कि

मेरे कहने से पहले ही

सफल हुआ यह जीवन मेरा

पा कर प्यार तेरा माँ

रखना सदा सर पर हाथ अपना

पाता रहूँ यूँ ही नेह तेरा

हर जन्म में माँ

तेरे चरणों. में रहे सदा भक्ति मेरी

मिलता रहे आशीर्वाद तेरा सदा

रेखा जोशी

Thursday, 17 October 2019

मुक्तक


मुक्तक 

खिले  हैं फूल बगिया  मुस्काई
गुन  गुन  भंवरे  तितली   आई
डाल डाल कुहुकती कोयलिया 
मनोहरम    सुंदरम    कविताई


रेखा जोशी


Sunday, 6 October 2019

ख्वाहिशें

अधूरे ख्वाब अधूरी ख्वाहिशें

जाने कब होंगी पूरी ख्वाहिशें

..

बहुत मिले जीवन के मेले में

रहे हम हमेशा ही हाशिये पे

..

हसरतें रहीं दिल ही दिल में बस

अरमान रहे सदा अधूरे से

..

साथ मिलता गर हमें तेरा तो

जिंदगी भरी होती उजाले से

लड़खड़ाती नैया बीच सागर

ले आए कोई तो किनारे पे

रेखा जोशी

Friday, 4 October 2019

दशहरा


है  मनाते हम  सब खुशियां
रावण सदा  हर  साल जला
.
था  ज्ञानी  शिव भक्त रावण
उसे  न  कोई   मार  सकता
.
अमृत नाभि में उसके अभी
हर  बार  फिर से  जी उठता
..
प्रतीक    बुराई   का  है   वो
जिसको कभी  न सके मिटा
..
कैसे   मिटेगा   रावण   जब
अंतस रावण   जिन्दा रहता

रेखा जोशी

मुक्तक


खिले  हैं फूल बगिया  मुस्काई
गुन  गुन  भंवरे  तितली   आई
डाल डाल कुहुकती कोयलिया
मनोहरम    सुंदरम    कविताई

रेखा जोशी