Tuesday, 11 May 2021

मौत का कहर

सहम गई है जिंदगी
देख भयानक रूप आज 
आहटे मौत की 
आ रही हैं हर ओर से
बिछुड़े कितने ही
अपनों से आज अपने
मुस्कराते चेहरे 
खामोश लिपटे सफेद किट में 
सो गए सदा सदा के लिए 
हे भगवन ये क्या हो रहा है 
हर शख्स परेशान हो रहा है 
दया करो प्रभु, दया करो प्रभु 
बस अब और नहीं और नहीं 
बंद कर दो अपना ये खेल 
माफ कर दो हमारी हर भूल 
खुशियां भर दो झोली में सबकी
फिर से जीवन में उल्लास भर दो 

रेखा जोशी 

Friday, 9 April 2021

अनबुझी प्यास

जो टूटे न कभी विश्वास हूँ मैं
अनवरत करती  प्रयास हूँ मैं 
जो बुझ न सकी सागर से भी
वो  ही  अनबुझी  प्यास हूँ  मैं 

रेखा जोशी 


Sunday, 28 March 2021

होली की हार्दिक शुभकामनाएं

उपवन सजा हुआ है अब फूल मुस्कुराएं 

हम  आज  गीत  गाएँ  होली मिल मनाएं

.. 

छाई  बहार मौसम भी है खिला खिला सा

है  रंग छलकते भूलें शिकवे गले लगाएं 

.. 

नीले. हरे   सभी  सुन्दर चेहरे   रंगे  हैं

होली सखी खेलों पिचकारी पिया चलाएँ 

.. 

नाचे सभी मचायें हुड़दंग बहार आई 

भीगा पिया बदन औ मदमस्त हैं हवायें 

रेखा जोशी 



 


Wednesday, 17 March 2021

जीवन सफर

टेढ़े मेढ़े रास्ते, जीवन डगर

पथरीली राहों पर

जीवन सफ़र मुश्किल

कैसे चलें हम

सम्भल के रखना पांव

जिंदगी की राहें आसान नहीं होती

खुशी नहीं गम भी चलें संग संग

जीत नहीं, मिलती हार की ठोकरें भी

हो जाते हैं अपने भी पराये कभी

आंसुओं की होती है यहाँ बरसात भी

कंटीली राहों पर

फूलों की बरसात नहीं होती

जिंदगी की राहें आसान नहीं होती

रेखा जोशी

Monday, 22 February 2021

बाय बाय,टाटा जिंदगी

जन्म और मरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिसने जन्म लिया एक दिन उसे मरना ही है, हम कहाँ से आए कुछ पता नहीं, हम मर कर कहाँ जाएंगे कुछ पता नहीं और जीवन है कि पल पल गुजरता जा रहा है, समय कब रेत सा हाथ से फिसलता जा रहा है मालूम ही नहीं होता, कल, आज और कल के चलते कब अंतिम पड़ाव आ जाता है पता ही नहीं चलता और उम्र तो केवल एक संख्या है, अरे भाई जब जागो तभी सवेरा, पचास का इंतज़ार क्यूँ, जब इक दिन यह संसार छोड़ना ही है तो किस बात का इंतज़ार,, ईश्वर ने हमें इस दुनिया में भेजा है तो अच्छे कर्म करते जाओ और प्रभु के गुण गाते जाओ और दुनिया दारी के कीचड़ में कमल की भांति जिंदगी जियो l आपसे एक सवाल पूछ रही हूँ, "किस बात की तैयारी करनी है?" मौत तो कभी भी पूछ कर नहीं आती, जब आएगी तो आ ही जायेगी, इसलिए हर वक्त जाने को तैयार रहो लेकिन ऐसे जाओ कि कभी किसी बात का पछतावा न रहे, जिंदगी को बाय बाय,टाटा करने से पहले शुभ कर्म करते हुए भरपूर जीवन जियो ताकि हम शांति से उस पार जा सकें l

रेखा जोशी

Saturday, 20 February 2021

सुख दुख

कोई ऐसा नहीं
जो खुश हो इस जग में
पूर्णतया
मिलते हैं सुख दुख
जीवन में सबको
माना कि लम्बी हो जाती 
हैं  घड़ियां दुख की
न मिले दिन को चैन
न रातों को आराम
लेकिन न छोड़ना कभी 
आस तुम 
आज दुख है तो 
कल सुख भी आएगा 

रेखा जोशी 

Sunday, 14 February 2021

यहां सुख दुःख से है भरी जिंदगी

यहां सुख दुःख से है भरी जिंदगी

हर वक्त इम्तिहान लेती जिंदगी

जीत मिलती कभी मिलती यहां हार

हमारी धूप छांव जैसी जिंदगी

..

रुकता नहीं वक्त किसी के. वास्ते

लम्हा लम्हा हाथों से फिसलती जिंदगी

..

हैं खुशियाँ कहीं सन्नाटा मौत का

आँसू बहाती कहीं हँसती जिंदगी

..

दो दिन का मेला जीवन इक खेला

न ग़म कर फूल सी महकती जिंदगी

रेखा जोशी