दीप जलाएं अब , ख़ुशी मनाएं, अंगना सजाएँ हैँ
घर हमारे आज, भगवान राम,धाम अवध आएं हैँ
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आरती उतारूं, शीश झुकाऊँ, दया चाहिए तेरी
आशीष मिले प्रभु, सुन लो पुकार ,कृपा चाहिए तेरी
मन मंदिर प्रभु जी ,आन बसो तुम, हम शीश झुकाएं हैं
घर हमारे आज, भगवान राम,धाम अवध आएं हैँ
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मिल कर रहें सभी,तुम्हीं सहारे,कष्ट न कोई पाए
सर ऊपर प्रभु का, रहे हाथ जब, दुख दर्द मिटा जाए
जीवन मेले में, सब दुख हरना, सुधबुध बिसराए हैँ
घर हमारे आज, भगवान राम, धाम अवध आएं हैँ
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दीप जलाएं अब , ख़ुशी मनाएं, अंगना सजाएँ हैँ
घर हमारे आज, भगवान राम,धाम अवध आएं हैँ
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रेखा जोशी