Wednesday, 1 February 2023

मौन का रिश्ता


अपने प्यार की तुम
सदा करते हो
हम पर बरसात
कैसे समझ जाते हो तुम
हमारी खामोश
पुकार को
नहीं कहते जो
अपनी जुबां से हम
पूरी कर देते हो तुम
हे मेरे प्रभु
हाँ मौन का रिश्ता
है तेरे मेरे बीच
एक अटूट बंधन
मेरे हिय को
भर देते हो प्रेम से
बस मै और तुम
दोनों खामोश
लेकिन
होती है अनगिनत बाते
हम दोनों के बीच
अच्छी लगती है
वह खामोशी
जब होते हो तुम
पास मेरे
और
घंटों करते है हम
खामोश रहते हुए
बातें
इक दूजे से

रेखा जोशी

Tuesday, 24 January 2023

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामना

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं, 

बसंती  रंग छाया 

मौसम बहार का 

खुशी भी संग लाया 

..

कोयल बगिया आई

गूंज  भौरों की 

है  बाजत शहनाई 

..
चूनर  ओढ़ी  पीली 

सरसों खेतों में 

सोने सी चमकीली 

..

बासंती पवन चलें

 हिलोरें दे रही 

 नीले गगन के तले

रेखा  जोशी 

Tuesday, 10 January 2023

जिंदगी खर्च होती रही

दिन प्रतिदिन

जिंदगी खर्च होती रही वक्त, बेवक्त,पल पल

कल आज और कल में

खर्च करते रहे जिंदगी के लम्हें

जिंदगी खर्च होती रही मायूसियों में कभी नाकामियों में

भूल जाते हैं जीना अक्सर जिंदगी हम

जीवन की आपाधापी में

रुकता नहीं वक्त जिंदगी की राहों में

छोटी सी जिंदगी के हर लम्हें को

खर्च करो दिल खोल कर जीवन में

कभी महका लो हर लम्हा खुशनुमा जिंदगी का

बिखेर कर फूल जीवन की राहों पर

कभी कहीं फैला दो उजियारा दीपक बन

रोशन कर आँगन किसी का

रोशन कर आँगन किसी का

रेखा जोशी

Thursday, 29 December 2022

अलविदा 2022 स्वागत 2023


सूरज की पहली किरण
देती दिलासा उम्मीद का
धीरे धीरे ढल जाती
खूबसूरत भोर सुनहरी शाम में
सुबह शाम से बँधी
यूँही चलती रहती यह जिंदगी 
वर्ष दर वर्ष जाते बीत 
लो  फिर आया 
शोर मचाता नववर्ष 
हर्षोल्लास लाया नववर्ष 

बीत गया इस जीवन चक्र में
एक और वर्ष
देकर कुछ खुशियाँ और ग़म 
यही तो है ज़िंदगी रहती फिसलती
हम सबके हाथों से
करते अब अलविदा बीते वर्ष को
करें अभिनंदन नव भोर का 
लो फिर आया 
शोर मचाता नववर्ष 
हर्षोल्लास लाया नववर्ष 

देखो
बाहें फैलाये आगे खड़ा नववर्ष
उम्मीद और आस जगाता
नव स्वप्न दिखाता
आओ मिल करें स्वागत इसका
गीत खुशी के गायें और उत्सव मनाएँ
लो फिर आया 
शोर मचाता  नववर्ष 
हर्षोल्लास लाया नव वर्ष 

रेखा जोशी

Saturday, 17 December 2022

नारी तो केवल है श्रद्धा

नारी तो केवल है श्रद्धा 

नारी शक्ति है शिव की 
प्रेरणा है पुरुष की 
अधूरे है दोनों 
इक दूजे के बिना 
फिर भी होती सदा नारी अपमानित 
और पड़ताड़ित पुरुष द्वारा 
माँ बेटी बहन बन पत्नी सदा 
संवारती जीवन उसका 
न जाने क्यों टकराता 
अहम उसका नारी से 
समझ पाता काश यह 
पुरुषों का समाज 
नारी तो केवल है श्रद्धा 
और मूरत त्याग की 

रेखा जोशी

Saturday, 29 October 2022

How to overcome depression

Depression is nothing but only your own state of mind,nothing can trouble you more than your own thougts and once your thought process started, it continues to think negative and takes a person to the depths of negativity, to one’s own imaginary world, which actually does not exist .

A few suggestions to overcome depression are

Breaking up of the pattern of negative thought process by deep breathing or pranayam.

Taking up a hobby like listening music, singing, dancing, reading. or any of one’s own interest.

Writing one’s all thoughts that troubled a person in a diary .

Walking or jogging do help to overcome depression

Do meditation atleast for fifteen minutes,It's very helpful and trains the mind to be in present than to be in past or in future with unnessary thoughts.

Try to accept challenges in life and be resposible for whatsoever is happening in one’s life instead of blaming others.

Life is like a wave with highs and lows and is to be lived and one should ive happily, success and failure are two faces of same coin in everyones life and evryone has to go through it So be happy and make others happy.

Rekha Joshi

Tuesday, 28 June 2022

छन्द प्रज्ञा मुक्तक

मुक्तक

सुन्दर काया, झूमो गाओ ,देखो प्रीत बढाएंगे
सब को हँसाओ, आओ साथी ,दोनो रीत निभाएंगे
प्रियतम मेरे, मीठी वाणी, डाली कोयलिया बोले
सुमधुर बोली,गाती भाती, गोरी की सखियां बोलें

रेखा जोशी