Thursday, 11 April 2013

प्रीत की डोरी


प्रीत की डोरी
तुम संग संग हो
सजना मेरे
.....................
तन्हाई मेरी
अधूरे तुम बिन
आंसू बहाती
....................
आँखें है बंद
आस पास हो तुम
सपने तेरे
..................
प्रेम दीवानी
मीरा जैसी पगली
पुकारे कान्हा
...................
प्रीत की डोरी
तुम संग संग हो
सजना मेरे


4 comments:

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति आज के ब्लॉग बुलेटिन पर | सूचनार्थ |

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    1. तुषार जी ,आपका हार्दिक आभार ,धन्यवाद

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  2. हार्दिक धन्यवाद संगीता जी

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