Sunday, 7 April 2013

प्रभु वंदना


सुन कर अब पुकार मेरी 
तुम जल्दी से आ जाओ। 
कहाँ छुपे हो ओ मेरे प्रभु ,
दरस अपना दिखा जाओ॥ 
..............................
पार लगा दीजो नैया मेरी,
डगमगा रही बीच मझधार। 
सहारा  अब तेरा ही पा कर,
मिले चैन मेरे इस मन को ॥ 
...............................
मुश्किल है राहें मेरी मगर ,
तुम हो भक्तों के रखवाले । 
हर पल रहते हो  साथ मेरे ,
विघ्नहर्ता विघ्न हरो सबके॥ 



2 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (08 -04-2013) के चर्चा मंच 1208 पर लिंक की गई है कृपया पधारें.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है | सूचनार्थ

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद सरिता जी

      Delete