Sunday, 14 February 2021

यहां सुख दुःख से है भरी जिंदगी

यहां सुख दुःख से है भरी जिंदगी

हर वक्त इम्तिहान लेती जिंदगी

जीत मिलती कभी मिलती यहां हार

हमारी धूप छांव जैसी जिंदगी

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रुकता नहीं वक्त किसी के. वास्ते

लम्हा लम्हा हाथों से फिसलती जिंदगी

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हैं खुशियाँ कहीं सन्नाटा मौत का

आँसू बहाती कहीं हँसती जिंदगी

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दो दिन का मेला जीवन इक खेला

न ग़म कर फूल सी महकती जिंदगी

रेखा जोशी

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