Wednesday, 3 December 2014

हाइकु [दहेज अभिशाप ]

हाइकु [दहेज अभिशाप ]

बेटा अपना
बेटी पराया धन
दान कन्या का
………....
छूटा मायका
दहेज अभिशाप
रोती चूड़ियाँ
…………
टूटे सपने
जल रही दुल्हनें
छूटे अपने
..........…
माथे बिंदिया
मेहंदी भरे हाथ
रोती अखियाँ
…………
बहू बिटिया
बदलता समाज
प्यारा संसार

रेखा जोशी


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