भोली भाली सूरत प्यारी मुस्कुराहट
खिली खिली धूप तुम्हारी मुस्कराहट
देखते रह गए हम सूरत तुम्हारी
बसी आँखों में तुम्हारी मुस्कुराहट
रेखा जोशी
खिले हैं फूल बगिया मुस्काई
गुन गुन भंवरे तितली आई
डाल डाल कुहुकती कोयलिया
मनोहरम सुंदरम कविताई
रेखा जोशी
अधूरे ख्वाब अधूरी ख्वाहिशें
जाने कब होंगी पूरी ख्वाहिशें
..
बहुत मिले जीवन के मेले में
रहे हम हमेशा ही हाशिये पे
..
हसरतें रहीं दिल ही दिल में बस
अरमान रहे सदा अधूरे से
..
साथ मिलता गर हमें तेरा तो
जिंदगी भरी होती उजाले से
…
लड़खड़ाती नैया बीच सागर
ले आए कोई तो किनारे पे
रेखा जोशी
खिले हैं फूल बगिया मुस्काई
गुन गुन भंवरे तितली आई
डाल डाल कुहुकती कोयलिया
मनोहरम सुंदरम कविताई
रेखा जोशी