Tuesday, 5 June 2018

प्यार के नाम चलो आज इक जाम हो जाये

प्यार के नाम चलो आज इक जाम हो जाये
देखते  रहें  तुम्हें  सुबह  से  शाम  हो  जाये
उम्र भर चलें  सदा हम थामें  हाथों  में  हाथ
ख़ुदा  करे  ज़िंदगी  यूंही   तमाम   हो  जाये

रेखा जोशी

Thursday, 31 May 2018

देखते ही देखते ज़िन्दगी गुज़र गई

देखते ही देखते
ज़िन्दगी गुज़र गई
.
वही  है धरती
आसमां भी वही
वक्त के साथ
तस्वीर अपनी बदल गई
.
कभी-कभी
देखते हैं मुड़ के पीछे
क्या खोया क्या पाया
ज़िन्दगी में हमने
दिखाई देती है कुछ
धुंधली सी परछाइयाँ
याद आते ही
आँखे नम हो गई
.
था सुहाना बचपन
बेफिक्र मौज मस्ती का आलम
कब आई जवानी कब बीता बचपन
हवा के झोंके सी उम्र निकल गई
.
देखते ही देखते
ज़िन्दगी गुज़र गई

रेखा जोशी

Wednesday, 30 May 2018

रसके भरे आम देख मुंह में पानी आया


रसके भरे आम देख मुंह में पानी आया
मीठी इसकी खुशबू से दिल सबका ललचाया
..
गर्मियों के मौसम में लद गये पेड़ आम से
फ़लों के राजा आम की घनी बहुत है छाया
....
लटक रहे वृक्ष पर रसीले पीले पीले आम
आम खाने की ललक ने बालक को तरसाया
....
आम गिराने धरा पर पत्थर पेड़ पे मारा
आम तो गिरा नहीं बच्चे का मुंह कुम्‍हलाया
...
खरीद दिया माँ ने बच्चे को बाज़ार से आम
पत्थर नहीं मारो पेड़ को माँ ने समझाया

रेखा जोशी

Sunday, 27 May 2018

लो  गर्मियों  की  छुट्टियाँ  आईं


लो  गर्मियों  की  छुट्टियाँ  आईं

लो  गर्मियों  की  छुट्टियाँ  आईं
छुट्टियाँ  आईं    छुट्टियाँ    आईं
.....
मौज मस्ती के अब  दिन हैं आए
खेलना   कूदना  अब   है   भाए
दिन भर  घर में  हम  नाचें   गायें
पढ़ने   से    हमने    छुट्टी    पाई 
लो   गर्मियों   की   छुट्टियाँ  आईं
....
दिन भर साइकिल हम चलाएँ गे
घर  बाहर  उधम  हम  मचाएँ गे
मम्मी  पापा  की   डांट  खाएँ गे
सभी ओर अब  है खुशियाँ  छाई
लो   गर्मियों   की   छुट्टियाँ  आईं

रेखा जोशी

Saturday, 26 May 2018

दोहे

दोहे

सजना को पाती लिखूँ,भर नैनों में नीर
पगला मोरा मन भया, जियरा हुआ अधीर
...
घर आये मोरे पिया, हुई धूप में छाँव
माथे पे टीका सजे, पायल छनके पाँव

रेखा जोशी 

Tuesday, 22 May 2018

जय माँ भारती

जननी जन्म भूमि पर वह मर मिटने को तैयार हैं 
भारत  माता  की  खातिर   सर   कटने  को तैयार हैं
.....
परिवार  अपने  से  मीलों   दूर  तैनात   सीमा   पर 
आन  और  शान   तिरंगे   की   रखने   को  तैयार हैं
....
माँ भारती  के लाल  करते अपने  भारत से  प्यार
दुश्मन को  मार  भगा  कर खुद मरने  को  तैयार हैं
......
देश  का  गौरव  बढ़ाते  हैं भारत  के  वीर  जवान
भारत   माँ  के चरणों  में  सर  धरने  को  तैयार  है
......
भारत के  लिये  दी जान करें उन शहीदों को नमन
आंच  न आये  भारत  पर  यह  लड़ने. को तैयार हैं

रेखा जोशी

Wednesday, 16 May 2018

यह गली प्यार की

सज गई सजना
अभिवादन तेरा करने के लिए
यह गली प्यार की

पीले सुनहरी
अमलतास के फूलो से सजा
मनमोहक गलियारा
कर रहा इंतज़ार तेरे आने का
बेचैन है राहें यहाँ चूमने को
कदम तेरे
महक रही हैंयहाँ फिज़ाएँ
तेरे अभिनंदन के लिए
बुला रही तुम्हें सजना
यह गली प्यार की

गीत मधुर गा रहे
पवन के नर्म झोंकों से
लहराते शाखाओं पर झूलते
अमलतास के पीले पीले फूल
बेताब हो रही
सुनने को रूनझुन
तेरी  पायल की
यह गली प्यार की

न जाने कब ख़त्म होंगी
घड़ियां इंतज़ार की
पुकारती जा रही तुम्हें
यह गली प्यार की

रेख जोशी