Friday, 16 August 2019

मेरे भगवान

बार बार
पुकारती हूँ तुम्हे
कहाँ छुपे हो मेरे भगवान
...
कभी तो सुध लो मेरी
कभी तो जानो मेरा प्यार
बार बार
क्यों ले रहे हो
तुम मेरा इम्तिहां
...
समा गए हो
तुम मुझ  में इस तरह
खत्म हो गया अब वजूद मेरा
तुम ही तुम हो
तन मन में बसे
बिन तेरे
कुछ नहीं हूँ मैं
कर दिया अर्पण खुद को
चरणों में तेरे
होना है तुम्हें अब तो भगवन
खुद पर मेहरबान
होना है तुम्हें अब तो भगवन
खुद पर मेहरबान

रेखा जोशी

Wednesday, 14 August 2019

स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

नेह के कच्चे धागे
है सज रहे
वीर की कलाई पर
माथे तिलक लगा कर
ले बहना की दुआएँ
अति पवित्र शक्तिशाली
है बहनों की दुआएँ
भर देती जोश वीरों में
है फड़कने लगती
फिर उनकी भुजाएं
रक्षक  हैं  जो देश के
सीमा पर देते पहरा
मर मिटते वो देश पर
जान की बाजी लगा कर
शूरवीर हो जिसके बेटे
उस देश का क्या कहना
दुनिया में है सबसे प्यारा
राखी का यह बंधन
दुनिया में है सबसे न्यारा
राखी का यह बंधन

रेखा जोशी

Friday, 9 August 2019

ओम की महिमा

ॐ के जाप से जहां मन को शांति मिलती है वहीं इसके उच्चारण से हमारे पूरे शरीर में इसकी ध्वनि गूंजती है, ॐ के उच्चारण से ही शरीर के अलग अलग भागों मे कंपन शुरू हो जाती है जैसे की ‘अ’:- शरीर के निचले भाग में पेट के पास कंपन करता है. ‘उ’– शरीर के मध्य भाग में कंपन होती है जो की छाती.के पास ‘म’ शरीर के मस्तिष्क में कंपन करता है, ॐ शब्द के उच्चारण से कई शारीरिक, मानसिक, और आत्मिक लाभ मिलते हैं. अमेरिका के एक FM रेडियो पर सुबह की शुरुआत ॐ शब्द के उच्चारण से ही होती है. l वेदों के अनुसार जिस सनातन सत्य की महिमा का वर्णन किया गया है विज्ञान धीरे-धीरे उससे सहमत होता नजर आ रहा है।धार्मिक मान्यताओं में तो ओम को महामंत्र माना ही जाता है, वैज्ञानिकों के अनुसार भी हमारे पूरे ब्रह्मांड में ओम की गुंजन जैसी ध्वनि रिकार्ड की गई है l ओम का उच्चारण एक गूँगा भी कर सकता है, यहां तक कि स्पीच थेरेपी में भी इसका उच्चारण करवाया जाता है l

रेखा जोशी

Friday, 19 July 2019

सजन रे झूठ मत बोलो

माना कि बन जाते
काम कई
लेकर झूठ का सहारा
मीठी छुरी
झूठ लगता सबको प्यारा
झूठों ने पाये
जीवन में मुकाम नये
सत्य लगता कडवा भले
लेकिन फिर भी है न्यारा
जो बोलोगे झूठ तुम
वाह वाही भी लूट लोगे
पकड़ा गया झूठ अगर तब
करेगा कौन एतबार तुम पर
सजन  रे झूठ मत बोलो
सच का दामन
गर थाम ले प्यारे
हो  जाएंगे वारे न्यारे

रेखा जोशी

Monday, 8 July 2019

पुकारे गी इक दिन ज़िन्दगी मुझे

ऊँचे नीचे  पथरीले रास्तों पर
डगमगाती ज़िन्दगी
राह अंजान पथ है सूना
चला जा रहा हूं ज़िंदगी में अकेला
न साथी न कोई सहारा मेरा
लेकिन मुझे है यक़ीन
देगी आवाज ज़िंदगी मुझे
बाहें फैलाये किसी खूबसूरत मोड़ पर
पुकारे गी इक दिन ज़िन्दगी मुझे

रेखा जोशी

Thursday, 27 June 2019

जब से हुई है तुमसे आँखें चार

जब से हुई है तुमसे आँखें चार
जग उठे हैं दिल में अरमान हजार
..
ख्यालों  में रहते हमारे सदा तुम
करने लगे तुमसे प्यार हम अपार
...
दिल में मेरे जब से आए हो तुम
आँखे बंद कर  निहारें बार  बार
...
जाओ गे दूर हमसे जब कभी तुम
ज़िंदगी भर करेंगे हम इंतजार
..
तुम ही तुम हो  जिंदगी में हमारी
है  तुमसे  ही अब  हमारा संसार

रेखा जोशी

Sunday, 23 June 2019

जीवन में आ जाती बहार

जीवन में
आ जाती बहार
जो तुम आ जाते एक बार
..
सूना सूना अंगना
बिन तेरे सुन प्रियतम मेरे
रूठ गया जैसे सारा संसार
जो तुम आ जाते एक बार
..
लोचन व्याकुल
राह निहार रहे तेरी
हर आहट पर
पागल नैना ढूँढे तुम्हें
तरस रहे तेरा दीदार
जो तुम आ जाते एक बार
..
भोर हुई
न आए तुम
समाये रहे नैनों में तुम
रही बदलती करवटें
करती रही
रात बस तेरा इंतज़ार
जो तुम आ जाते एक बार

रेखा जोशी