Sunday, 25 August 2019

प्यार न हमसे हो पायेगा

चाहती हूँ तुम्हें लेकिन

प्यार न हमसे हो पायेगा

बहुत प्यारी है सूरत और सीरत तेरी, लेकिन

क्या करूँ उस दिल का

जकड़ा हुआ जो कर्त्तव्य की जंजीरों में

भूख के मारों को

भरपेट खाना खिलाएं गे

निभाना है यह फ़र्ज़ भी मुझे, फिर

प्यार न हमसे हो पायेगा

….

आओ बन जाओ साथी मेरे

हाथ बटाना तुम भी मेरा

मिल कर दोनों इक बनायें गे स्वर्ग यहां

गिरे हुओं को उठा कर

नव राह उन्हें दिखायेंगे

उनके उदास चेहरों पर

मुस्कान लेकर आयेंगे

उनके वीरान

आंगन में स्नेह का दीप जलाना

देख ऐसी उनकी हालत अभी तो

प्यार न हमसे हो पायेगा

रेखा जोशी

Tuesday, 20 August 2019

खुशियाँ लेकर आई दिवाली

फुलझड़ी  से निकले अंगारे
हवा  में  ज्यों नाचते  सितारे
...
घर घर  जलते नेह के दीपक
प्रेम  पथ  में  फैले  उजियारे
...
सजा प्यार से घर आंगन आज
प्रीत  की  डोर   से  बंधे   सारे
....
हर्षोल्लास  छाया   सभी  ओर
लक्ष्मी  गणेश  घर आज पधारे
...
खुशियाँ  लेकर  आई   दिवाली
खिले   बच्चों   के   चेहरे  प्यारे

रेखा जोशी

Friday, 16 August 2019

मेरे भगवान

बार बार
पुकारती हूँ तुम्हे
कहाँ छुपे हो  त्रिपुरारि 
...
कभी तो सुध लो मेरी
कभी तो जानो मेरा प्यार
बार बार
क्यों ले रहे हो
तुम मेरा इम्तिहां
...
समा गए हो
तुम मुझ  में इस तरह
खत्म हो गया अब वजूद मेरा
तुम ही तुम हो
तन मन में बसे
बिन तेरे
कुछ नहीं हूँ मैं
कर दिया अर्पण खुद को
चरणों में तेरे
होना है तुम्हें शिव  शंकर 
खुद पर मेहरबान
होना है तुम्हें  शिव  शंकर 
खुद पर मेहरबान

रेखा जोशी

Wednesday, 14 August 2019

स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

नेह के कच्चे धागे
है सज रहे
वीर की कलाई पर
माथे तिलक लगा कर
ले बहना की दुआएँ
अति पवित्र शक्तिशाली
है बहनों की दुआएँ
भर देती जोश वीरों में
है फड़कने लगती
फिर उनकी भुजाएं
रक्षक  हैं  जो देश के
सीमा पर देते पहरा
मर मिटते वो देश पर
जान की बाजी लगा कर
शूरवीर हो जिसके बेटे
उस देश का क्या कहना
दुनिया में है सबसे प्यारा
राखी का यह बंधन
दुनिया में है सबसे न्यारा
राखी का यह बंधन

रेखा जोशी

Friday, 9 August 2019

ओम की महिमा


ॐ के जाप से जहां मन को शांति मिलती है वहीं इसके उच्चारण से हमारे पूरे शरीर में इसकी ध्वनि गूंजती है, ॐ के उच्चारण से ही शरीर के अलग अलग भागों मे कंपन शुरू हो जाती है जैसे की ‘अ’:- शरीर के निचले भाग में पेट के पास कंपन करता है. ‘उ’– शरीर के मध्य भाग में कंपन होती है जो की छाती.के पास ‘म’ शरीर के मस्तिष्क में कंपन करता है, ॐ शब्द के उच्चारण से कई शारीरिक, मानसिक, और आत्मिक लाभ मिलते हैं. अमेरिका के एक FM रेडियो पर सुबह की शुरुआत ॐ शब्द के उच्चारण से ही होती है. l वेदों के अनुसार जिस सनातन सत्य की महिमा का वर्णन किया गया है विज्ञान धीरे-धीरे उससे सहमत होता नजर आ रहा है।धार्मिक मान्यताओं में तो ओम को महामंत्र माना ही जाता है, वैज्ञानिकों के अनुसार भी हमारे पूरे ब्रह्मांड में ओम की गुंजन जैसी ध्वनि रिकार्ड की गई है l ओम का उच्चारण एक गूँगा भी कर सकता है, यहां तक कि स्पीच थेरेपी में भी इसका उच्चारण करवाया जाता है l

रेखा जोशी