Thursday, 16 June 2022
गाय
ओम की गुंजन
Thursday, 2 June 2022
शीर्षक "शर्माता है चाँद"(नवगीत)
रात में चमकता चाँद
चांदनी बिखेरता सागर के आंचल पर
झिलमिलाता है चाँद
,,
आ गए हम कहाँ
परियों के देश में
धवल चाँदनी यहाँ
राह पर बिखराता है चाँद
..
दीप्त चाँदनी सा दमकता
सुन्दर चेहरा तेरा
ज्यों गगन पर
जगमगाता है चाँद
..
आये महफ़िल में तेरी सजन
संग संग टिमटिमाते तारे लिए
उतर आया धरती पर
अब मुस्कुराता है चाँद
,,
सुंदर चेहरा
छिपा लिया बंद पलकों में हमने
देख हमें
यहाँ शर्माता है चाँद
रेखा जोशी
Tuesday, 31 May 2022
मेरी कुछ अधूरी ख्वाहिशें
उड़ रही,रंग बिरंगी तितलिया
मेरी ख़्वाहिशों की बगिया में
झूला रही मदमस्त पवन
फूलों से लदी डालियाँ
महकने लगी
मेरी कुछ अधूरी ख्वाहिशें
,,
ठिठकती कभी पेड़ों की झुरमुट पे
पूरा होने पर
थिरकती कभी नाचती अँगना में
ख्वाहिशें मेरी ख्वाहिशें
चूमती श्रृंखलाएं कभी पर्वत की
लौट आती कहीं पर छोड़ गूंज अपनी
मेरी कुछ अधूरी ख्वाहिशें
,
बादलों सी गरजती कभी
बरसती बरखा सी कभी
भिगो जाती तन मन मेरा
बिखर जाती धरा पर कभी
नित नई ख्वाहिशें
बुनती रहती ताना बाना
रंग भरती, रस बरसाती
जीवन में मेरे
मेरी कुछ अधूरी ख्वाहिशें
रेखा जोशी
Monday, 2 May 2022
हाइकू
हाइकु
जय गणेशा
हे सिद्धि विनायक
विघ्न हरता
,
हे गजानन
हमें दो रिद्धि सिद्धि
अभिनंदन
,
गौरी नंदन
हे गणपति देवा
तुम्हे नमन
,
एक दंत हो
मनभावे मोदक
पूजें तुमको
रेखा जोशी