Wednesday, 6 January 2016

गुनगुनाते गीत अब होंठों पे मेरे


बिन तुम्हारे हमारा दिल बेकरार  है
न जाने क्योँ  हमें  तेरा  इंतज़ार है

गुनगुनाते  गीत अब  होंठों पे मेरे
अभी तक मुस्कुराती शब का खुमार है 

खुश्बू तेरी महका रही हसीन लम्हे 
इन्हीं  लम्हों से हमें बहुत मिला प्यार है 

उतर आया हसीं चाँद भी अंगना में
अंगना को  भी  रही महका बहार है

बेचैन निगाहें  तलाश रही है तुम्हें
प्यार की चलने लगी सजना बयार है 

रेखा जोशी 

Tuesday, 5 January 2016

ह्रदय में प्रेम की जोत जला कर

सरिता तट  शीतल पवन भाये
धूप   गुलाबी  तन  मन  हर्षाये
ह्रदय में प्रेम की जोत जला कर
साथ मिल दोनों जीवन बितायें

रेखा जोशी 

यहाँ पर दो दिन की ज़िंदगी हमारी

 हम क्या जहान में लाये साथ लेकर
करेंगे  कूच  हम  खाली  हाथ  लेकर
यहाँ  पर दो दिन की ज़िंदगी हमारी
जायेंगे   यहाँ    से    परमार्थ   लेकर

रेखा जोशी

करते हम उन सब वीरों को शत शत नमन

देश  के   नाम  पर  उन्होंने   दे   दिये  प्राण
इस  भूमि  की  माटी  पर  हो  गये बलिदान
करते  हम उन सब वीरों को शत शत नमन
भारत   की  खातिर    शीश    किये   कुर्बान

रेखा जोशी

Monday, 4 January 2016

तुम जो मिले तो मिल गया हमे सारा जहाँ

जुड़   गया  मेरा  नाम  तेरे   नाम  के साथ
खुशियों  का  मिला जाम तेरे नाम के साथ
तुम जो मिले तो मिल गया हमे सारा जहाँ
पा   लिये  चारो   धाम  तेरे  नाम  के साथ

रेखा जोशी

Sunday, 3 January 2016

बाँध लो उन्हें प्रीत के कच्चे धागे से

मत बाँधों
पँख परिंदों के
है फितरत उनकी
भरना उड़ान
उड़ने दो उन्हें आसमान में
है गर दम
हौंसलों में तुम्हारे  
बाँध लो उन्हें
प्रीत के
कच्चे धागे से
खिचे चले आयेंगे
बरबस
सदा के लिये

रेखा जोशी 

Saturday, 2 January 2016

सभी मित्रों को नववर्ष को हार्दिक शुभकामनायें

गुज़र गया साल पुराना अब
सिमट यादों में रह गया अब
मिले खुशियाँ सबको यहाँ पर
करें स्वागत नववर्ष का अब

सभी मित्रों को नववर्ष को हार्दिक शुभकामनायें