शीर्ष पोस्ट-मुक्तक लोक-5
चित्र मंथन समारोह-616
बुधवार-08/04/026
समारोह अध्यक्ष-आद सुश्री रजनी रामदेव जी
संयोजक- आद.श्री
छंदमुक्त रचना
'मिट्टी की खुशबू में पलता बचपन
फटे हुए कपड़ों में था अपनापन
न खिलौनों की ज़िद,न कोई अरमान
बस इक दूजे से था जहान
भाई के प्यार में बहन था का सुकून
छोटी-सी दुनिया,हर पल था जुनून
नंगे पाँव , धूल भरी राह
हाथों में हाथ बस प्रेम की चाह
ज़माने ने उनसे छीना बहुत कुछ
भाई-बहन का प्यार कभी न हुआ कम
सच तो ये है,चाहे वक्त कितना भी बदल जाए
बचपन की यादें कभी दिल से नहीं मिट पाए
रेखा जोशी
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