"समय की धीमी चाल"
धीमा-धीमा चल रहा समय, तेरे चले जाने के बाद
कुछ ऐसा जैसे रूक गई ज़िन्दगी भी आज के बाद
सूना-सूना हर एक लम्हा, तड़पाती मुझे तन्हाई है
कभी हँसी थी जो इन लबों पर, अब खामोशी छाई है,
तेरी यादों की चादर ओढ़े, है गुजर जाती हर रात
धीमा-धीमा चल रहा समय, तेरे चले जाने के बाद
कुछ ऐसा जैसे रूक गई ज़िन्दगी भी आज के बाद
..
लौट आओ किसी बहाने, ये दिल बस तुम्हें ही पुकारे,
तेरे बिना अधूरी दुनिया, बिन तेरे जीवन से हारे
अधूरी लगती हर खुशी भी,है टूट गए सपनें तमाम
धीमा-धीमा चल रहा समय, तेरे चले जाने के बाद
कुछ ऐसा जैसे रूक गई ज़िन्दगी भी आज के बाद
रेखा जोशी
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