Saturday, 25 April 2026
दोहा मुक्तक:
दोहा मुक्तक:
ध्रुव शब्द: निवास
सुमिरन तेरा प्रभु करूँ, ह्रदय तेरा निवास
जप तप भगवन का करें, बनते तेरे खास
थामें मुझको प्रभु सदा,लगाते नाव पार
वंदन करती सर झुका, करती सदा विश्वास
रेखा जोशी
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