शक्ति की आराधना का पर्व
मन में विश्वास का अब दीपक जलाया है।
भय संशय सभी दूर हो गए आज तो
नवरात्रि पर मैया नें हाथ बढ़ाया है।
सांस सांस में तेरी शक्ति बहने लगी
मेरे दिल में मैया भक्ति रहनें लगी
चीर अँधेरा उजियारा फैला दो माँ
तुमसे ही प्रकाशित राहें रहनें लगी
जीवन का आधार तुम्हीं तो हो मैया
हाथ जोड़ करें हम नमन तुम्हीं को मैया
कण-कण में तेरी ज्योति हरदम जले
आओ मिलकर वंदन तेरा करें मैया
इक पावन शक्ति का माँ स्वरूप तुम हो
करे जो उजाला अंतस का रूप तुम हो
मिल जाए जीवन में इक तेरा सहारा
वंदन करें मैया सृष्टि में अनूप तुम हो
रेखा जोशी
स्वरचित एवं मौलिक
No comments:
Post a Comment