साया मेरा सच मेरा
है साया मेरा सच मेरा, साया मेरा साथ निभाए,
रहता सदा ये संग मेरे, धूप या अंधियारा छाए
मुँह मोड़े जब दुनिया मुझसे,हो जाएँ सभी दूर अपने
है चुपचाप यह साथ चलता,बिन बोले सब कुछ कह जाए
आईने सा साफ़ है यह ,झूठ की इसमें जगह नहीं,
तब मेरा साया साथ मेरे , मुझको खुद से यह मिलवाए
जैसा मैं हूँ वैसा दिखता ,है इसमें नहीं कोई दगा
भीड़ में जब खो जाता मैं, खुद से यह पहचान कराए
यही असली चेहरा मेरा, ना इससे पर्दा है कोई
मेरा साया हाथ पकड़ कर,मुझको मुझसे ही मिलवाये
रेखा जोशी
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